हमारी ज़िंदगी तो कब की बिखर गयी
हमारी ज़िंदगी तो कब की बिखर गयी,
हसरते सारी दिल में ही मर गयी,
जब से गयी है वो बैठ के डोली में,
हमारी तो जीने की तमन्ना ही मर गयी
by admin · Published · Updated
हमारी ज़िंदगी तो कब की बिखर गयी,
हसरते सारी दिल में ही मर गयी,
जब से गयी है वो बैठ के डोली में,
हमारी तो जीने की तमन्ना ही मर गयी
by admin · Published May 13, 2021
by admin · Published April 27, 2020
by admin · Published February 9, 2018 · Last modified April 30, 2018
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