किस्मत की लकीरो से चुराया है तुझे

Shayari

बड़ी मुद्दत से चाहा है तुझे
बड़ी दुआओं से पाया है तुझे
तुझे भुलाने की सोचु भी तो कैसे
किस्मत की लकीरो से चुराया है तुझे

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