बेवजह हम वजह ढूंढ़ते हैं तेरे पास आने को,
ये दिल बेकरार है तुझे धड़कन में बसाने को,
बुझती नहीं है प्यास मेरे इस प्यासे दिल की,
न जाने कब मिलेगा सुकून तेरे इस दीवाने को।
बेवजह हम वजह ढूंढ़ते हैं


बेवजह हम वजह ढूंढ़ते हैं तेरे पास आने को,
ये दिल बेकरार है तुझे धड़कन में बसाने को,
बुझती नहीं है प्यास मेरे इस प्यासे दिल की,
न जाने कब मिलेगा सुकून तेरे इस दीवाने को।
Leave a Reply