अपने आप जल गयी
कल की रात टल गयी
अपने आप जल गयी
कल की रात टल गयी
इक धुआं उठा था
फिर राख में बदल गयी
बून्द बून्द टपकी शब्
सड़कों पर पिघल गयी
कल जो रात टल गयी
कितना कुछ बदल गयी
by admin ·
अपने आप जल गयी
कल की रात टल गयी
इक धुआं उठा था
फिर राख में बदल गयी
बून्द बून्द टपकी शब्
सड़कों पर पिघल गयी
कल जो रात टल गयी
कितना कुछ बदल गयी
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