Tagged: Sad Shayari

जिन्दगी

जिन्दगी

जिन्दगी मेरी खामोशियों में भी फसाना ढूँढ लेती है,बड़ी शातिर है दुनिया मजा लेने का बहाना ढ़ूँढ लेती है। जिन्दगी को हमेशा मुस्कुरा के गुजारो,क्योंकि आप नहीं जानते की.. यह कितनी बाकी है। अकेले ही...

ऐ ज़िन्दगी तेरी क्या कीमत है

मेरे बारे में अपनी सोच को थोड़ा बदल के देख​

मेरे बारे में अपनी सोच को थोड़ा बदल के देख​ अगर लोग यूँ ही कमियां निकालते रहे तो,एक दिन सिर्फ खूबियाँ ही रह जायेगी मुझमें। दिखावे की मोहब्बत तो जमाने को है हमसे पर,ये...

ऐ ज़िन्दगी तेरी क्या कीमत है

ऐ ज़िन्दगी तेरी क्या कीमत है

ऐ ज़िन्दगी तेरी क्या कीमत है..!! सबके कर्जे चुका दू मरने से पहले ऐसी मेरी नीयत है..!मौत से पहले तू भी बता दे .. ऐ ज़िन्दगी तेरी क्या कीमत है..!! चेहरा तो साफ कर...

Karz hai tere upar mere sajdo ka

Karz hai tere upar mere sajdo ka

Karz hai tere upar mere sajdo ka बस इतना ही है मुझको तुमसे कहना..बड़े अच्छे हो तुम, ख्याल रखा करो अपना..!! कर्ज है तेरे ऊपर मेरे सजदो का..मैंने एक अरसे से तुझे खुदा माना...

बिच्छरण

बिच्छरण

बिच्छरण सदियों सदियों मेरा सफ़रमंज़िल मंज़िल राहगुज़र संदल से महकती हुई पुर-कैफ़ हवा काझोंका कोई टकराए तो लगता है कि तुम हो अब ये भी नहीं ठीक कि हर दर्द मिटा देंकुछ दर्द कलेजे...

क्योंकि पुरुष हो तुम।

क्योंकि पुरुष हो तुम।

अक्सर सुना है, पुरुषों का समाज है।तुम्हारे ही हिसाब से चलता है और,तुम्हारी ही बात करता है।पर सच शायद थोड़ा अलग है॥ देखा है मैंने कितनों को,इस पुरुषत्व का बोझ ढोते।मन मार कर जीते...

जहां जीवन दौलत के बिन

जहां जीवन दौलत के बिन

जहां जीवन दौलत के बिनखुश रहता है अति अपार।प्रेम का भरा रहता भंडारजिसको सब कहते परिवार।। मोह लोभ की परछाई भीनहीं डाल पाती है यहां डेरा।अमावस की काली रात मेंनिकलता खुशियों का सवेरा।। परिवार...

कौन तेरा अपना सा है

कौन तेरा अपना सा है

हर पल मुझको एक हीख़याल सता सा जाता है ,इस तेज़ रफ़्तार ज़िन्दगी में,कौन है जो मेरा अपना सा है ? कौन तेरा अपना सा है सुबह से लेकर रात तक, सिर्फभागता दौड़ता जो...

मेरी आंखों का तारा ही

मेरी आंखों का तारा ही

मेरी आंखों का तारा ही, मेरी आंखों का तारा ही, मुझे आंखें दिखाता है.जिसे हर एक खुशी दे दी, वो हर गम से मिलाता है. जुबा से कुछ कहूं कैसे कहूं किससे कहूं माँ...

बिछड गया कोई हमसे

बिछड गया कोई हमसे अपना

बिछड गया …बिछड गया कोई हमसे अपना करीबी वक्त की मार मेंकोई हो गया अंजान हमसेकिसमत की इस चाल में टूट कर बिखर गये अरमान मेरेइस कदरफिर टूट गया मेरे इस दिल का भी...