Tagged: Kabhi khud pe kabhi halat pe rona aaya ghazal

कभी ख़ुद पे कभी हालात पे

कभी ख़ुद पे कभी हालात पे रोना आया  बात निकली तो हर इक बात पे रोना आया  हम तो समझे थे कि हम भूल गए हैं उन को  क्या हुआ आज ये किस बात...