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तुम्हारा ज़र्फ़ है तुम को मोहब्बत भूल जाती है

तुम्हारा ज़र्फ़ है तुम को मोहब्बत भूल जाती है,हमें तो जिस ने हँस कर भी पुकारा याद रहता है,मोहब्बत में जो डूबा हो उसे साहिल से क्या लेना,किसे इस बहर में जा कर किनारा...

प्यार नहीं था और ना ही दोस्ती थी

प्यार नहीं था और ना ही दोस्ती थीदोनो को बस आदत थीरोज़ सुबह फोन पे बात करना पहले टाईम पास थालेकिन अब ज़रूरत थीदिन में कभी बात ना हो तो चलता थापर अब तो...