Tagged: हम पर तुम्हारी चाह का इल्ज़ाम

आप की याद आती रही

आप की याद आती रही रात भर’  चाँदनी दिल दुखाती रही रात भर  गाह जलती हुई गाह बुझती हुई  शम-ए-ग़म झिलमिलाती रही रात भर  कोई ख़ुशबू बदलती रही पैरहन  कोई तस्वीर गाती रही रात...