ख़ुश रहे या बहुत उदास रहे
ख़ुश रहे या बहुत उदास रहे ज़िन्दगी तेरे आस-पास रहे चाँद इन बदलियों से निकलेगा कोई आयेगा दिल को आस रहे हम मुहब्बत के फूल हैं शायद कोई काँटा भी आस-पास रहे मेरे सीने...
ख़ुश रहे या बहुत उदास रहे ज़िन्दगी तेरे आस-पास रहे चाँद इन बदलियों से निकलेगा कोई आयेगा दिल को आस रहे हम मुहब्बत के फूल हैं शायद कोई काँटा भी आस-पास रहे मेरे सीने...
Follow: