Tagged: रफ़्तार-ए-उम्र क़त-ए-रह-ए-इज़्तिराब है

रफ़्तार-ए-उम्र क़त-ए-रह-ए-इज़्तिराब है

रफ़्तार-ए-उम्र क़त-ए-रह-ए-इज़्तिराब है | मिर्ज़ा ग़ालिब

रफ़्तार-ए-उम्र क़त-ए-रह-ए-इज़्तिराब है | मिर्ज़ा ग़ालिब रफ़्तार-ए-उम्र क़त-ए-रह-ए-इज़्तिराब है इस साल के हिसाब को बर्क़ आफ़्ताब है   मीना-ए-मय है सर्व नशात-ए-बहार से बाल-ए-तदरौ जल्वा-ए-मौज-ए-शराब है   ज़ख़्मी हुआ है पाश्ना पा-ए-सबात का ने...