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जो ये हर-सू फ़लक मंज़र खड़े हैं

जो ये हर-सू फ़लक मंज़र खड़े हैं | राहत इन्दोरी

जो ये हर-सू फ़लक मंज़र खड़े हैं | राहत इन्दोरी जो ये हर-सू फ़लक मंज़र खड़े हैं न जाने किस के पैरों पर खड़े हैं तुला है धूप बरसाने पे सूरज शजर भी छतरियाँ...