नहीं रहा वाकी कुछ भी चन्द सांसो के सिवा
कुछ भी नहीं है आज कहने को चन्द लब्जों के सिवा
ना आँखों में है जज्बात चन्द आँखों के सिवा
कदर तोड़ दिया उसने कि खुद को जोड़ पाना मुश्किल है
नहीं रहा वाकी कुछ भी चन्द सांसो के सिवा
by admin · Published · Updated
कुछ भी नहीं है आज कहने को चन्द लब्जों के सिवा
ना आँखों में है जज्बात चन्द आँखों के सिवा
कदर तोड़ दिया उसने कि खुद को जोड़ पाना मुश्किल है
नहीं रहा वाकी कुछ भी चन्द सांसो के सिवा
by admin · Published April 19, 2020
by admin · Published October 31, 2017 · Last modified April 30, 2018
by admin · Published February 21, 2018 · Last modified April 30, 2018
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