जो एक ही दुनिया में रहकर मिलने को तरसते है

Shayari

खुशनसीब होते है बादल
जो दूर रहकर भी जमीन पर बरसते है
और एक बदनसीब हम है
जो एक ही दुनिया में रहकर मिलने को तरसते है

You may also like...