जिन हाथों ने चलना सिखाया, आज वही सहारे को तरसते हैं
मां-बाप इस दुनिया का सबसे अनमोल रिश्ता होते हैं। जब हम छोटे थे, तो उन्होंने अपनी खुशियां छोड़कर हमारी हर ख्वाहिश पूरी की। खुद भूखे रहकर हमें खिलाया, खुद जागकर हमारी नींद की रखवाली की और हर मुश्किल में हमारा हाथ थामे रखा।
लेकिन वक्त के साथ जब वही मां-बाप बूढ़े हो जाते हैं, तो उन्हें सबसे ज्यादा जरूरत अपने बच्चों के प्यार और साथ की होती है। अफसोस, आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बहुत से लोग अपने बुजुर्ग माता-पिता के अकेलेपन को समझ नहीं पाते। यह शायरी उन मां-बाप के नाम है, जिनकी दुआओं से हमारी दुनिया रोशन है।
Shayari 1
जिन हाथों ने चलना सिखाया,
आज वही सहारे को तरसते हैं,
हम दुनिया में मशहूर हो गए,
और वो घर में अकेले बरसते हैं।
Shayari 2
मां-बाप का दिल बड़ा निराला है,
उनके प्यार का नहीं कोई जवाब है,
खुद दर्द में रहकर भी अक्सर,
बच्चों की खुशी का ख्वाब है।
Shayari 3
जिस मां ने भूखे रहकर खिलाया था,
जिस बाप ने हर गम छुपाया था,
आज वही बूढ़े आंखों से,
बस बच्चों का इंतजार लगाया था।
Shayari 4
बचपन में उंगली पकड़कर चलाया था,
हर गिरने पर गले लगाया था,
आज वही मां-बाप तन्हा हैं,
जिन्होंने हमें दुनिया से मिलाया था।
Shayari 5
वो बूढ़ी आंखें आज भी राह देखती हैं,
हर आहट पर उम्मीद रखती हैं,
शायद बेटा घर लौट आए,
बस इसी आस में जीती हैं।
Shayari 6
जिनकी दुआओं से मुकाम मिला,
जिनके प्यार से नाम मिला,
उन मां-बाप को भूल जाना,
इंसानियत का सबसे बड़ा इल्जाम मिला।
Shayari 7
घर की रौनक मां-बाप से होती है,
हर खुशी उनकी दुआ से होती है,
जो उनका दिल दुखा दे,
उसकी दुनिया भी अधूरी होती है।
Shayari 8
बाप की खामोशी में प्यार होता है,
मां की ममता में संसार होता है,
जो इनके साथ वक्त बिताए,
उसका हर दिन त्योहार होता है।
Shayari 9
वक्त बदल गया, लोग बदल गए,
रिश्तों के मायने भी बदल गए,
मगर मां-बाप का प्यार आज भी,
पहले जैसा ही अटल रहे।
Shayari 10
जिस दिन मां-बाप साथ नहीं होंगे,
घर के आंगन में जज्बात नहीं होंगे,
फिर ढूंढोगे उनकी दुआओं को,
मगर वो खूबसूरत दिन साथ नहीं होंगे।
Conclusion
मां-बाप का प्यार दुनिया की सबसे बड़ी दौलत है। उनके रहते हुए उनकी कद्र कीजिए, क्योंकि उनके जाने के बाद सिर्फ यादें रह जाती हैं।
