चमन से बिछड़ा हुआ एक गुलाब हूँ
चमन से बिछड़ा हुआ एक गुलाब हूँ में
मै खुद ही अपनी तबाही का जवाब हूँ
यूँ निगाहें ना फेर मुझसे ऐ मेरे महबूब
मैं तेरी चाहतो में ही हुआ बर्बाद हु
by admin · Published · Updated
चमन से बिछड़ा हुआ एक गुलाब हूँ में
मै खुद ही अपनी तबाही का जवाब हूँ
यूँ निगाहें ना फेर मुझसे ऐ मेरे महबूब
मैं तेरी चाहतो में ही हुआ बर्बाद हु
by admin · Published November 22, 2017 · Last modified April 30, 2018
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