दरिया में अपनी कब्र बनाने चला गया
दरिया में अपनी कब्र बनाने चला गया सूरज को डूबने से बचाने चला गया तमन्ना तो सबसे आगे निकलने की थी मगर जो गिरे थे उनको उठाने चला गया अपनों की चाहतों में मिलाबट...
Asli Shayar / ग़म / तन्हाई / हिंदी
by admin · Published January 9, 2018 · Last modified April 30, 2018
दरिया में अपनी कब्र बनाने चला गया सूरज को डूबने से बचाने चला गया तमन्ना तो सबसे आगे निकलने की थी मगर जो गिरे थे उनको उठाने चला गया अपनों की चाहतों में मिलाबट...
Asli Shayar / ज़िन्दगी / तन्हाई / सामान्य / हिंदी
by admin · Published January 3, 2018 · Last modified April 30, 2018
इंतजार की आरजू अब खो गयी है खामोशियों की आदत अब हो गयी है ना शिकवा रहा ना शिकायत किसी से अगर है तो एक मोहब्बत जो इन तन्हाइयो से हो गयी है
Asli Shayar / ग़म / ज़िन्दगी / तन्हाई / सामान्य / हिंदी
by admin · Published January 3, 2018 · Last modified April 30, 2018
टुटा हो दिल अगर तो दुःख होता है किसी से मोहब्बत करके यह दिल रोता है दर्द का एहसास तब होता है जब किसी से मोहब्बत हो और उसके दिल में कोई और होता...
Asli Shayar / ज़िन्दगी / तन्हाई / प्यार / सामान्य / हिंदी
by admin · Published January 3, 2018 · Last modified April 30, 2018
अफ़सोस तो उस वक़्त होता है जब अपनी पसंद कोई और चुरा लेता है ख्वाब हम देखते है और हकीकत कोई और बना लेता है
कभी रूठना मत नहीं तो जिंदगी बिखर जायगी ये कोई खुली हुयी जुल्फ नहीं जो फिर से सवर जायगी जुदा ना होना कभी उससे जो जान देता हो तुम पर वरना उसकी याद में...
Asli Shayar / ग़म / ज़िन्दगी / तन्हाई / प्यार / हिंदी
by admin · Published December 19, 2017 · Last modified April 30, 2018
दिल टूटेगा तो फरियाद करोगे तुम भी, हम न रहे तो हमने याद करोगे तुम भी, आज कहते हो हमारे पास वक़्त नहीं हैं, पर एक दिन मेरे लिए वक़्त बर्बाद करोगे तुम भी
Asli Shayar / ज़िन्दगी / तन्हाई / हिंदी
by admin · Published December 19, 2017 · Last modified April 30, 2018
आग दिल में लगी जब वो खफ़ा हुए, महसूस हुआ तब, जब वो जुदा हुए, करके वफ़ा कुछ दे ना सके वो, पर बहुत कुछ दे गए जब वो बेवफ़ा हुए
Asli Shayar / ग़म / ज़िन्दगी / तन्हाई / हिंदी
by admin · Published December 19, 2017 · Last modified April 30, 2018
हमारी ज़िंदगी तो कब की बिखर गयी, हसरते सारी दिल में ही मर गयी, जब से गयी है वो बैठ के डोली में, हमारी तो जीने की तमन्ना ही मर गयी
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