Jab mujhse Mohabat hi nahi
Jab mujhse Mohabat hi nahi toh rokte kyu hoTanhayi mein mere baare mein sochte kyu ho Jab manjile hi juda h toh jane do mujheLot ke kab aaoge ye puchte kyun ho…. Zakhm laga...
Jab mujhse Mohabat hi nahi toh rokte kyu hoTanhayi mein mere baare mein sochte kyu ho Jab manjile hi juda h toh jane do mujheLot ke kab aaoge ye puchte kyun ho…. Zakhm laga...
रिश्तो से मुकर जाना दस्तूर है दुनिया कामोहोब्बत जिन से हो जाये वो दिलो से नहीं जाते।
ख़ामोशी बढ़ गयी है इस्कदरकी सन्नाटो की भी चीखे सुनाई पड़ती हैं।
एक शोर है मुझ मैंजो खामोश बहोत है।
जो कभी हो नहीं सकता मेराफिर क्यों वही अपना लगता है।
Asli Shayar / Zari / ग़म / ज़िन्दगी / तन्हाई / दोस्ती / प्यार / सामान्य
by admin · Published March 12, 2021
एक खलिश मेरे दिल में कुछ यु रह गयीज़िन्दगी मैं ज़रा ज़िन्दगी कुछ कम रह गयी।
घर से दूर मैं आसमा नापने निकलापर एक घोसला हर शाम याद आता है।
Asli Shayar / Zari / ज़िन्दगी / तन्हाई / दोस्ती / सामान्य / हिंदी
by admin · Published March 10, 2021
जब जबाब ख़ामोशी मैं हो तोलफ्ज़ो से उलझना क्यों।
Asli Shayar / Zari / ग़म / ज़िन्दगी / तन्हाई / दोस्ती / प्यार / हिंदी
by admin · Published March 10, 2021
आप वापस आने की जहमत मत करनानाक़द्रों को भूल जाना अत है हमें। 1Like2:59 pm
ये चाँद की रौशनी मुझे हर रोज़ कहती हैकुछ किस्से मोहोब्बत के पूरा हुआ नहीं करते।
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