Category: दोस्ती

realshayari

ज़रा तिरछी पड़ने लगी है किरन अब

ज़रा तिरछी पड़ने लगी है किरन अब ज़रा सर्दियाँ सब्ज़ पत्तों में उतरीं ज़रा पड़ रही हैं कहीं और ही अब जवाँ हुस्न की बुल्हवस वो निगाहें तसव्वुर वो माज़ी का धुँधला हुआ कुछ...

realshayari

आप खुद नही जानते आप कितने प्यारे हो…

आप खुद नही जानते आप कितने प्यारे हो… जान तो हमारी पर जान से प्यारे हो….. दूर होने से कोई फर्क नही पड़ता…. आप कल भी हमारे थे आज भी हमारे हो..

realshayari

रब करे ज़िन्दगी में ऐसा मुकाम आये

रब करे ज़िन्दगी में ऐसा मुकाम आये। …… मेरी रूह और जान आपके काम आये …. हर दुआ में बस यही मांगते है रब से। .. कि अगले जनम में भी आपके नाम के...

shayri

क्यूं खुश हो जाता हु में तुम्हारी ख़ुशी देख के

क्यूं खुश हो जाता हु में तुम्हारी ख़ुशी देख के……! क्यूं हो जाता हूं मैं हताश तुम्हें उधास देख के ..! चहक सा उठा हूँ मैं जब मिलने की बारी आती है….! पर क्यों...