Category: Ghazals

आप की याद आती रही

आप की याद आती रही रात भर’  चाँदनी दिल दुखाती रही रात भर  गाह जलती हुई गाह बुझती हुई  शम-ए-ग़म झिलमिलाती रही रात भर  कोई ख़ुशबू बदलती रही पैरहन  कोई तस्वीर गाती रही रात...

कभी ख़ुद पे कभी हालात पे

कभी ख़ुद पे कभी हालात पे रोना आया  बात निकली तो हर इक बात पे रोना आया  हम तो समझे थे कि हम भूल गए हैं उन को  क्या हुआ आज ये किस बात...

ख़ुश रहे या बहुत उदास रहे

ख़ुश रहे या बहुत उदास रहे ज़िन्दगी तेरे आस-पास रहे चाँद इन बदलियों से निकलेगा कोई आयेगा दिल को आस रहे हम मुहब्बत के फूल हैं शायद कोई काँटा भी आस-पास रहे मेरे सीने...