Category: English

मोम के पास कभी आग को लेकर देखूं

मोम के पास कभी आग को लेकर देखूंसोचता हूँ के तुझे हाथ लगाकर देखूं मैंने देखा है ज़माने को शराब पीकरदम निकल जाए अगर होश में आकर देखूं दिल का मंदिर बड़ा वीरान नज़र...

मैंने कब कहा कि, वह मिल जाए मुझे?

मैंने कब कहा कि,वह मिल जाए मुझे?कहीं वो गैर ना हो जाए,बस इतनी सी हसरत है |उन रिश्तो को भी निभाया है मैंने,जिनमें न मिलना,सबसे पहले सर्त थी |

टूट कर चाहना, और फिर टूट जाना.

टूट कर चाहना, और फिर टूट जाना.बात छोटी सी है मगर जान,निकल जाती हैमुझे जिंदगी का इतना तजुर्बा तो नहीं,पर सुना है सादगी में लोग जीने नहीं देते

तूने तो रुला कर रख दिया ए जिंदगी,

तूने तो रुला कर रख दिया ए जिंदगी,जा कर पूछ मेरी मां से कितने लाडले थे हम,न जाने क्यों आज अपना घर मुझे अनजान सा लगता है,तेरे जाने के बाद मां |यह घर, घर...

जरा देखो दरवाजे पे

जरा देखो दरवाजे पे,दस्तक किसने दी है?अगर इश्क़ हो तो कहना,यहां दिल नहीं रहता |

राहे रूकती हैं जब, ज़िन्दगी झुकती हैं तब
सर झुकता है जब, वक़्त रुकता हैं तब

राहे रूकती हैं जब, ज़िन्दगी झुकती हैं तबसर झुकता है जब, वक़्त रुकता हैं तब जमाना हसंता हैं जब, सांसें रूकती हैं तबबाहे दुखती हैं जब, हिम्मत रूकती हैं तब शरीर खंजर सा हो...

आखिर क्यों मुझे तुम इतना दर्द देते हो
जब भी मन में आये क्यों रुला देते हो

आखिर क्यों मुझे तुम इतना दर्द देते होजब भी मन में आये क्यों रुला देते होनिगाहें बेरुखी हैं और तीखे हैं लफ्ज़ये कैसी मोहब्बत हैं जो तुम मुझसे करते हो मेरे बहते आंसुओ की...

जाने क्यूँ आजकल, तुम्हारी कमी अखरती है बहुत
यादों के बन्द कमरे में, ज़िन्दगी सिसकती है बहुत

जाने क्यूँ आजकल, तुम्हारी कमी अखरती है बहुतयादों के बन्द कमरे में, ज़िन्दगी सिसकती है बहुत पनपने नहीं देता कभी, बेदर्द सी उस ख़्वाहिश कोमहसूस तुम्हें जो करने की, कोशिश करती है बहुत दावे...