Category: Bewafa Shayari

  • Hasta Tha Muj Ko

    Hasta Tha Muj Ko

    Hasta Tha Muj Ko Rula B Detha Tha
    Ker K Wo Moj Say Aksar Waday Bhula B Detha Tha

    Bewafa Tha Mageracha Lagta Tha Dil Ko
    Kabi Kabar Batian Mohabat Ki Sona B Deta Tha

    Kabi Bay Waqt Hi Chala Ata Tha Milnay Ko
    Kabi Mobhat K Qimti Pal Gawa B Daytha Tha

    Tham Layta Tha Hath Mera Yun Hi Kabi
    Khud Kabi Hath Apna Mery Hath Say Chura B Layta Tha

    Ajab Dhop Chaon Sa Tha Mizaj Us Ka
    Motbar B Karta Nazro Say Gira B Daytha Tha

  • Ek Bewafa Ko Hum Ne

    Ek Bewafa Ko Hum Ne

    Ek Bewafa Ko Hum Ne Is Dil Mein Jaga Di Thi
    Khuwabon Ki Duniya Apni Us Se Hi Saja Di Thi

    Chaha Tha Us Ko Hum Ne Khud Se Bhi Bohat Barh Kar
    Us Chahat Mein Hum Ne Ye Hasti Hi Mita Di Thi

    Maloom Nahi Tha Hum Ko Woh Bewafa Bhi Hoga
    Us Per Bharosa Karke Khud Ko Hi Saza Di Thi

    Socha Tha Sath Mil Ke Kaatenge Zindagi Ko
    Us Ne To Ek Pal Main Har Baat Bhula Di Thi

    Kaisa Sitam Hai Dekho Woh Kab Se Judda Hai Mujh Se
    Apni Zindagi Jis Ka Saya Sa Bana Di Thi

    Kiya Tha Us Per Bharosa Kyun Hadh Se Barh Kar
    Us Ki Jafa Ne Dil Mein Ek Halchal Si Macha Di Thi

  • कभी रो के मुस्कुराए

    कभी रो के मुस्कुराए

    कभी रो के मुस्कुराए, कभी मुस्कुरा के रोए,
    जब भी तेरी याद आई तुझे भुला के रोए,
    एक तेरा ही तो नाम था जिसे हज़ार बार लिखा,
    जितना लिख के खुश हुए उस से ज़यादा मिटा के रोए।

  • आशिक के नाम से सभी जानते हैं

    आशिक के नाम से सभी जानते हैं

    आशिक के नाम से सभी जानते हैं
    इतना बदनाम हो गए हम मयखाने में
    जब भी तेरी याद आती है बेदर्द मुझे
    तोह पीते हैं हम दर्द पैमाने में |

  • तू हज़ार बार भी रूठे तो मना लूँगा तुझे

    तू हज़ार बार भी रूठे तो मना लूँगा तुझे

    तू हज़ार बार भी रूठे तो मना लूँगा तुझे
    मगर देख मोहब्बत में शामिल कोई दूसरा ना हो
    किस्मत यह मेरा इम्तेहान ले रही है
    तड़पकर यह मुझे दर्द दे रही है
    दिल से कभी भी मैंने उसे दूर नहीं किया
    फिर क्यों बेवफाई का वह इलज़ाम दे रही है
    मरे तो लाखों होंगे तुझपर
    मैं तो तेरे साथ जीना चाहता हूँ
    अपनों के बीच बेगाने हो गए हैं
    प्यार के लम्हे अनजाने हो गए हैं
    जहाँ पर फूल खिलते थे कभी
    आज वहां पर वीरान हो गए हैं
    नज़रों से देखो तोह आबाद हम हैं
    दिल से देखो तोह बर्बाद हम हैं
    जीवन का हर लम्हा दर्द से भर गया
    फिर कैसे कह दें आज़ाद हम हैं
    ज़िन्दगी के सफ़र में आपका सहारा चाहिए
    आपके चरणों का बस आसरा चाहिए
    हर मुश्किलों का हँसते हुए सामना करेंगे
    बस ठाकुर जी आपका एक इशारा चाहिए
  • किस्मत यह मेरा इम्तेहान ले रही है

    किस्मत यह मेरा इम्तेहान ले रही है

    किस्मत यह मेरा इम्तेहान ले रही है
    तड़पकर यह मुझे दर्द दे रही है
    दिल से कभी भी मैंने उसे दूर नहीं किया
    फिर क्यों बेवफाई का वह इलज़ाम दे रही है

  • अनदेखे  धागों से

    अनदेखे धागों से

    अनदेखे धागों से,
    कुछ यू बांध गया मुझको,
    कि वो साथ ही नहीं,
    और हम आजाद भी नहीं|

  • अब ख़ुशी है न कोई दर्द रुलाने वालाहमने अपना लिया हर रंग ज़माने वाला

    अब ख़ुशी है न कोई दर्द रुलाने वाला
    हमने अपना लिया हर रंग ज़माने वाला

    अब ख़ुशी है न कोई दर्द रुलाने वाला
    हमने अपना लिया हर रंग ज़माने वाला

    उसको रुख़सत तो किया था मुझे मालूम न था
    सारा घर ले गया घर छोड़ के जाने वाला

    इक मुसाफिर के सफर जैसी है सबकी दुनिया
    कोई जल्दी में कोई देर से जाने वाला

    एक बे-चेहरा सी उम्मीद है चेहरा चेहरा
    जिस तरफ देखिये आने को है आने वाला

  • itnā ehsān to ham par vo ḳhudārā karte

    itnā ehsān to ham par vo ḳhudārā karte

    itnā ehsān to ham par vo ḳhudārā karte

    apne hāthoñ se jigar chaak hamārā karte

    ham ko to dard-e-judā.ī se hī mar jaanā thā

    chand roz aur na qātil ko ishāra karte

    le ke jaate na agar saath vo yādeñ apnī

    yaad karte unheñ aur vaqt guzārā karte

    zindagī miltī jo sau baar hameñ duniyā meñ

    ham to har baat ise aap pe vaarā karte

    ‘josh’ dhundlātā na hargiz ye mirā shīsha-e-dil

    gard us kī vo agar roz utārā karte

  • मुझे आबाद कर….

    मुझे आबाद कर….

    मुझे आबाद कर या मुझे फ़ना करे कोई
    उसकी यादो से मुझसे जुदा करे कोई Like4:02 pm