कुछ तो मजबूरियाँ रही होंगी
यूँ कोई बेवफ़ा नहीं होता

कुछ तो मजबूरियाँ रही होंगीयूँ कोई बेवफ़ा नहीं होता जी बहुत चाहता है सच बोलेंक्या करें हौसला नहीं होता अपना दिल भी टटोल कर देखोफासला…

View More कुछ तो मजबूरियाँ रही होंगी
यूँ कोई बेवफ़ा नहीं होता

आह को चाहिये इक उम्र असर होने तक
कौन जीता है तेरी ज़ुल्फ़ के सर होने तक

आह को चाहिये इक उम्र असर होने तककौन जीता है तेरी ज़ुल्फ़ के सर होने तक दाम हर मौज में है हलका-ए-सदकामे-नहंगदेखें क्या गुज़रे है…

View More आह को चाहिये इक उम्र असर होने तक
कौन जीता है तेरी ज़ुल्फ़ के सर होने तक