दायम पड़ा हुआ तेरे दर पर नहीं हूं मैं
ख़ाक ऐसी ज़िन्दगी पे कि पत्थर नहीं हूं मैं
दायम पड़ा हुआ तेरे दर पर नहीं हूं मैंख़ाक ऐसी ज़िन्दगी पे कि पत्थर नहीं हूं मैं कयों गरदिश-ए-मुदाम से घबरा न जाये दिलइनसान हूं पयाला-ओ-साग़र नहीं हूं मैं या रब ! ज़माना मुझको...
