Category: Asli Shayar

दायम पड़ा हुआ तेरे दर पर नहीं हूं मैं
ख़ाक ऐसी ज़िन्दगी पे कि पत्थर नहीं हूं मैं

दायम पड़ा हुआ तेरे दर पर नहीं हूं मैंख़ाक ऐसी ज़िन्दगी पे कि पत्थर नहीं हूं मैं कयों गरदिश-ए-मुदाम से घबरा न जाये दिलइनसान हूं पयाला-ओ-साग़र नहीं हूं मैं या रब ! ज़माना मुझको...

ख़ुदा हमको ऐसी खुदाई न दे
कि अपने सिवा कुछ दिखाई न दे

ख़ुदा हमको ऐसी खुदाई न देकि अपने सिवा कुछ दिखाई न दे ख़तावार समझेगी दुनिया तुझेअब इतनी ज्यादा सफाई न दे हंसो आज इतना कि इस शोर मेंसदा सिसकियों की सुनाई न दे अभी...

कुछ तो मजबूरियाँ रही होंगी
यूँ कोई बेवफ़ा नहीं होता

कुछ तो मजबूरियाँ रही होंगीयूँ कोई बेवफ़ा नहीं होता जी बहुत चाहता है सच बोलेंक्या करें हौसला नहीं होता अपना दिल भी टटोल कर देखोफासला बेवजह नही होता कोई काँटा चुभा नहीं होतादिल अगर...

एक से हो गए मौसम हो, कि चेहरे सारे

एक से हो गए मौसम हो, कि चेहरे सारेमेरी आँखों से कहीं खो गया मंजर मेरा किससे पूंछू कि कहाँ गुम हूँ कई बरसों सेहर जगह ढूंढता फिरता है मुझे घर मेरा मुद्दतें हो...

आह को चाहिये इक उम्र असर होने तक
कौन जीता है तेरी ज़ुल्फ़ के सर होने तक

आह को चाहिये इक उम्र असर होने तककौन जीता है तेरी ज़ुल्फ़ के सर होने तक दाम हर मौज में है हलका-ए-सदकामे-नहंगदेखें क्या गुज़रे है कतरे पे गुहर होने तक आशिकी सबर तलब और...

अपने आप जल गयी
कल की रात टल गयी

अपने आप जल गयीकल की रात टल गयीइक धुआं उठा थाफिर राख में बदल गयीबून्द बून्द टपकी शब्सड़कों पर पिघल गयीकल जो रात टल गयीकितना कुछ बदल गयी

chāñdnī-rāt meñ añdherā thā

chāñdnī-rāt meñ añdherā thā is tarah bebasī ne gherā thā mere ghar meñ basī thī tārīkī ghar se bāhar magar saverā thā vo kisī aur kā huā hai aaj vo jo kal tak to...