अपने आप जल गयी
कल की रात टल गयी
अपने आप जल गयी
कल की रात टल गयी
इक धुआं उठा था
फिर राख में बदल गयी
बून्द बून्द टपकी शब्
सड़कों पर पिघल गयी
कल जो रात टल गयी
कितना कुछ बदल गयी
by admin ·
अपने आप जल गयी
कल की रात टल गयी
इक धुआं उठा था
फिर राख में बदल गयी
बून्द बून्द टपकी शब्
सड़कों पर पिघल गयी
कल जो रात टल गयी
कितना कुछ बदल गयी
by admin · Published December 21, 2021
by admin · Published December 14, 2017 · Last modified April 30, 2018
by admin · Published May 17, 2021
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