Author: admin
ज़माने के सवालों को में हस के टाल दू लेकिन,
ज़माने के सवालों को में हस के टाल दू लेकिन,नमी आँखों की कहती हे मुझे तुम याद आते हो|
बंध जाये अगर किसी से रूह का बंधन,
बंध जाये अगर किसी से रूह का बंधन,तो इजहार-ए-इश्क़ को अल्फ़ाज़ की जरूरत नहीं होती।
मुहब्बत में झुकना कोई अजीब बात नहीं
मुहब्बत में झुकना कोई अजीब बात नहीं;चमकता सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए।
न जाने क्या कमी है मुझमे
न जाने क्या कमी है मुझमेन जाने क्या खूबी है उसमेवो मुझे याद नहीं करती औरमै उसे भूल नहीं सकता
