कभी रो के मुस्कुराए
कभी रो के मुस्कुराए, कभी मुस्कुरा के रोए,जब भी तेरी याद आई तुझे भुला के रोए,एक तेरा ही तो नाम था जिसे हज़ार बार लिखा,जितना लिख के खुश हुए उस से ज़यादा मिटा के...
कभी रो के मुस्कुराए, कभी मुस्कुरा के रोए,जब भी तेरी याद आई तुझे भुला के रोए,एक तेरा ही तो नाम था जिसे हज़ार बार लिखा,जितना लिख के खुश हुए उस से ज़यादा मिटा के...
मार ही डाल मुझे चश्म-ए-अदा से पहले अपनी मंज़िल को पहुँच जाऊं क़ज़ा से पहले इक नज़र देख लूँ आ जाओ क़ज़ा से पहले, तुम से मिलने की तमन्ना है ख़ुदा से पहले हश्र...
मैं हूँ और साथ तेरी बिखरी हुई यादें हैं,क्या इसी चीज़ को कहते हैं गुज़ारा होना।वो मेरे बाद भी खुश होगा किसी और के साथ,मीठे चश्मों को कहाँ आता है खरा होना।
सताया है वक्त ने मुझे बहुतमगर मैने भी वक्त को बर्बाद कम नहीं कियाजहां वक्त ने तक़दीर से मिलायामैंने तकदीर से वक्त को मिटाया हैबचपन में पढ़ाई से हुई लड़ाई वक्त कीवक्त हार गयाजवानी...
डाली से टूटा *फूल* फिर सेलग नहीं सकता हैमगरडाली *मजबूत* हो तो उस परनया फूल *खिल* सकता है!!!उसी तरह *ज़िन्दगी* मेंखोये *पल* को ला नहीं सकतेमगर*हौसलें* व *विश्वास* सेआने वाले हर पल को*खुबसूरत* बना...
ख्वाइस तो यही है कितेरे बाँहों में पनाह मिल जाये,शमा खामोस हो जायेऔर शाम ढल जाये,प्यार इतना करे किइतिहास बन जाये,और तुम्हारी बाँहों सेहटने से पहले शाम हो जाये.
हम आपकी हर चीज़ से प्यार कर लेंगे,आपकी हर बात पर ऐतबार कर लेंगे,बस एक बार कह दो कि तुम सिर्फ मेरे हो,हम ज़िन्दगी भर आपका इंतज़ार कर लेंगे।
दीवानगी मे कुछ ऐसा कर जाएंगे।महोब्बत की सारी हदे पार कर जाएंगे,वादा है तुमसे दिल बनकर तुम धड़कोगेऔर सांस बनकर हम आएँगे।।
ऐ खुदा तूने सब कुछ हमें दिया मगर “दिल” क्यों दिया.ना दिल होता ना प्यार…ना ही रंजिशे होती, ना ही साजिशेंना ही कोइ ख्वाहिश होती और ना ही कोई नफ़रत की दीवार.ना हिंदू होता,...
बेवजह हम वजह ढूंढ़ते हैं तेरे पास आने को,ये दिल बेकरार है तुझे धड़कन में बसाने को,बुझती नहीं है प्यास मेरे इस प्यासे दिल की,न जाने कब मिलेगा सुकून तेरे इस दीवाने को।
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