shayari

अफ़सोस वो हमारी चाहत से बेखबर निकला

कितना अजीब अपनी जिंदगी का सफर निकला
सारे जहाँ का दर्द अपना मुकद्दर निकला
जिसके नाम अपनी जिंदगी का हर लम्हा कर दिया
अफ़सोस वो हमारी चाहत से बेखबर निकला