दुश्मन भी हमारे मुरीद है शायद
दुश्मन भी हमारे मुरीद है शायद
वक़्त वे वक़्त मेरा नाम लिया करते है
मेरी गली से निकलते है खंजर छुपा के
रूबरू होने पर सलाम किया करते है
by admin · Published · Updated
दुश्मन भी हमारे मुरीद है शायद
वक़्त वे वक़्त मेरा नाम लिया करते है
मेरी गली से निकलते है खंजर छुपा के
रूबरू होने पर सलाम किया करते है
by admin · Published December 11, 2017 · Last modified April 30, 2018
by admin · Published February 1, 2018 · Last modified April 30, 2018
by admin · Published December 1, 2017 · Last modified April 30, 2018
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