Real shayari

दरिया में अपनी कब्र बनाने चला गया

दरिया में अपनी कब्र बनाने चला गया
सूरज को डूबने से बचाने चला गया
तमन्ना तो सबसे आगे निकलने की थी मगर
जो गिरे थे उनको उठाने चला गया
अपनों की चाहतों में मिलाबट थी इस कदर
तंग आकर दुश्मनों को मनाने चला गया