Month: March 2021
जब जबाब ख़ामोशी……
जब जबाब ख़ामोशी मैं हो तोलफ्ज़ो से उलझना क्यों।
View More जब जबाब ख़ामोशी……आप वापस आने की …..
आप वापस आने की जहमत मत करनानाक़द्रों को भूल जाना अत है हमें। 1Like2:59 pm
View More आप वापस आने की …..ये चाँद की रौशनी…….
ये चाँद की रौशनी मुझे हर रोज़ कहती हैकुछ किस्से मोहोब्बत के पूरा हुआ नहीं करते।
View More ये चाँद की रौशनी…….ये सोचो का …..
ये सोचो का ताल्लुक उनसे जुदा नहीं होतादेखा है कई बार हमने सांसो को रोक के।
View More ये सोचो का …..ये ज़िन्दगी…..
ये ज़िन्दगी हमसे कुछ खफा खफा हैकौन सी ये अदा इसकी पहली दफा है।
View More ये ज़िन्दगी…..कुछ झूठे ख्वाब…..
कुछ झूठे ख्वाबकुछ अधूरी खवाहिशेज़िंदा रहने के लिएकुछ तो सामान चाहिए।
View More कुछ झूठे ख्वाब…..जिसे कहते हो तुम …….
जिसे कहते हो तुम हमारी बर्बादीवो मेरी खुशनसीबी की ज़रा सी दास्ता हैं।
View More जिसे कहते हो तुम …….मिजाज इश्क़ के….
मिजाज इश्क़ के मेरे ज़रा हसास हैंतेरे गुरूर का बोझ उठा नहीं सकता ।
View More मिजाज इश्क़ के….एक उम्र तमाम हुई ……
एक उम्र तमाम हुई उनके इंतज़ार मैंउसने आने का वादा किया हो ऐसा भी नहीं।
View More एक उम्र तमाम हुई ……अब इश्क़ इतना नादां भी नहीं….
अब इश्क़ इतना नादां भी नहींकी हर दफा तुम्ही से हो।
View More अब इश्क़ इतना नादां भी नहीं….