Monthly Archive: April 2018

shayari

कभी रो लेने दो अपने कंधे पर सिर रखकर मुझे

कभी रो लेने दो अपने कंधे पर सिर रखकर मुझे कि दर्द का बबंडर अब संभाला नहीं जाता कब तक छुपा के रखें आँखों में इसे कि आंसुओ का समंदर अब संभाला नहीं जाता

दोस्ती करो हमेशा मुस्कराके किसी को धोखा ना दो अपना बनाके करलो याद जबतक हम जिन्दा है फिर ना कहना चले गए दिल में यादें बसाके

दोस्ती करो हमेशा मुस्कराके

दोस्ती करो हमेशा मुस्कराके किसी को धोखा ना दो अपना बनाके करलो याद जबतक हम जिन्दा है फिर ना कहना चले गए दिल में यादें बसाके

आपकी नयी सुबह इतनी सुहानी हो जाए दुखों की सारी बातें आपकी पुरानी हो जाए दे जाए खुशिया आपको हर नया दिन कि ख़ुशी भी आपकी दीवानी हो जाए

आपकी नयी सुबह इतनी सुहानी हो जाए

आपकी नयी सुबह इतनी सुहानी हो जाए दुखों की सारी बातें आपकी पुरानी हो जाए दे जाए खुशिया आपको हर नया दिन कि ख़ुशी भी आपकी दीवानी हो जाए

दुश्मन भी हमारे मुरीद है शायद वक़्त वे वक़्त मेरा नाम लिया करते है मेरी गली से निकलते है खंजर छुपा के रूबरू होने पर सलाम किया करते है

दुश्मन भी हमारे मुरीद है शायद

दुश्मन भी हमारे मुरीद है शायद वक़्त वे वक़्त मेरा नाम लिया करते है मेरी गली से निकलते है खंजर छुपा के रूबरू होने पर सलाम किया करते है

Faqih-e-Shahr Ki Majlis Se Kuchh Bhala Na Hua

Faqih-e-Shahr Ki Majlis Se Kuchh Bhala Na Hua

FaqIh-e-shahr kI majlis se kuchh bhala na hua ki us se mil ke mizaj aur kafirana hua Abhi abhi vo mila tha hazar baten kiin Abhi abhi vo gaya hai magar zamana hua Vo raat bhuul chuko vo suḳhan na doharao Vo raat ḳhvab...

dukh fasana nahin ki tujhse kahen

Dukh Fasana Nahin Ki Tujhse Kahen

Dukh fasana nahin ki tujh se kahen Dil bhi maana nahin ki tujh se kahen Aaj tak apni bekali ka sabab Khud bhi jaana nahin ki tujh se kahen Be-tarah hal-e-dil hai aur tujh se Dostana nahin ki tujh se kahen Ek tu harf-e-ashna tha magar Ab zamana...