रोज साहिल से समंदर का नजारा न करो,
रोज साहिल से समंदर का नजारा न करो,
अपनी सूरत को शबो-रोज निहारा न करो,
आओ देखो मेरी नजरों में उतर कर खुद को,
आइना हूँ मैं तेरा मुझसे किनारा न करो।
by admin · Published · Updated
रोज साहिल से समंदर का नजारा न करो,
अपनी सूरत को शबो-रोज निहारा न करो,
आओ देखो मेरी नजरों में उतर कर खुद को,
आइना हूँ मैं तेरा मुझसे किनारा न करो।
by admin · Published April 15, 2020
by admin · Published December 5, 2017 · Last modified April 30, 2018
by admin · Published January 14, 2021
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