रफ्तार जिंदगी की कुछ यू बनाए रखें

रफ्तार जिंदगी की कुछ यू बनाए रखें
के दुश्मन आगे निकल जाए


पर दोस्त कोई पिछे ना छूटे
छोड़ दो अब उससे वफा की उम्मीद गालिब

जो रुला सकता है वह भुला भी सकता है
मोहब्बत में नहीं है फर्क जीने और मरने का
उसी को देख कर जीते हैं जिस काफिर पे दम निकले