अपने आप जल गयी
कल की रात टल गयी
अपने आप जल गयी
कल की रात टल गयी
इक धुआं उठा था
फिर राख में बदल गयी
बून्द बून्द टपकी शब्
सड़कों पर पिघल गयी
कल जो रात टल गयी
कितना कुछ बदल गयी
by admin ·
अपने आप जल गयी
कल की रात टल गयी
इक धुआं उठा था
फिर राख में बदल गयी
बून्द बून्द टपकी शब्
सड़कों पर पिघल गयी
कल जो रात टल गयी
कितना कुछ बदल गयी
by admin · Published November 22, 2017 · Last modified April 30, 2018
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by admin · Published June 20, 2018
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