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  • Hindi Shayari | Asli Shayari | Short Shayari Collection

    Hindi Shayari | Asli Shayari | Short Shayari Collection

    बदल जाओ वक्त के साथ

    बदल जाओ वक्त के साथ
    या फिर वक्त बदलना सीखो
    मजबूरियों को मत कोसो
    हर हाल में चलना सीखो

    समंदर को गुमान!

    सुना है आज समंदर को बड़ा गुमान आया है,
    उधर ही ले चलो कश्ती जहां तूफान आया है।

    पहले ही चल दिए आंसू

    लिखना था कि
    खुश हैं तेरे बगैर भी यहां हम,
    मगर कमबख्त…
    आंसू हैं कि कलम से
    पहले ही चल दिए।

    भटक रहा था वो

    तलाश मेरी थी और भटक रहा था वो,
    दिल मेरा था और धड़क रहा था वो।
    प्यार का ताल्लुक भी अजीब होता है,
    आंसू मेरे थे और सिसक रहा था वो।

    शिकवा-ए-गम किससे कहें

    अब जानेमन तू तो नहीं,
    शिकवा -ए-गम किससे कहें
    या चुप हें या रो पड़ें,
    किस्सा-ए-गम किससे कहें।

    मस्त शायरी

    जो दिल के करीब थे ,वो जबसे दुश्मन हो गए
    जमाने में हुए चर्चे ,हम मशहूर हो गए

    शायरी

    अब काश मेरे दर्द की कोई दवा न हो
    बढ़ता ही जाये ये तो मुसल्सल शिफ़ा न हो
    बाग़ों में देखूं टूटे हुए बर्ग ओ बार ही
    मेरी नजर बहार की फिर आशना न हो

    तुझसे गिला नहीं

    मैं तो इस वास्ते चुप हूं कि तमाशा न बने
    और तू समझता है मुझे तुझसे गिला कुछ भी नहीं!

    उठता नहीं धुआं

    चूल्हे नहीं जलाए कि बस्ती ही जल गई
    कुछ रोज़ हो गए हैं अब उठता नहीं धुआं।

    उसकी ख्वाहिश किसे है

    मिल सके जो आसानी से
    उसकी ख्वाहिश किसे है
    जिद्द तो उसकी है जो
    मुकद्दर में लिखा ही नहीं है।

    मरने के लिए मोहब्बत!

    परवाने को शमा पर जलकर
    कुछ तो मिलता होगा
    यूं ही मरने के लिए कोई
    मोहब्बत नहीं करता…

     

  • जीतने की जिद शायरी

    जीतने की जिद शायरी

    जीतने की जिद शायरी | (more…)

  • घर से दूर नौकरी शायरी

    घर से दूर नौकरी शायरी

    घर से दूर नौकरी शायरी | (more…)

  • Allama Iqbal Shayari | गर्म-ए-फ़ुग़ाँ है जरस उठ कि गया क़ाफ़िला

    Allama Iqbal Shayari | गर्म-ए-फ़ुग़ाँ है जरस उठ कि गया क़ाफ़िला

    गर्म-ए-फ़ुग़ाँ   है   जरस    उठ कि   गया     क़ाफ़िला

    वाए  वो  रह-रौ  कि  है मुंतज़़िर-ए-राहिला

    तेरी  तबीअत  है  और  तेरा ज़माना  है  और

    तेरे   मुआफ़िक़   नहीं ख़ानक़ही   सिलसिला

    दिल  हो  ग़ुलाम-ए-ख़िरद या  कि  इमाम-ए-ख़िरद

    सालिक-ए-रह  होशियार सख़्त   है   ये   मरहला

    उस  की   ख़ुदी   है   अभी शाम-ओ-सहर   में  असीर

    गर्दिश-ए-दौराँ   का  है   जिस   की    ज़बाँ   पर   गिला

    तेरे   नफ़स   से   हुई   आतिश-ए-गुल   तेज़-तर

    मुर्ग़-ए-चमन   है   यही   तेरी नवा    का   सिला

    गर्म-ए-फ़ुग़ाँ   है   जरस    उठ कि   गया     क़ाफ़िला

    वाए  वो  रह-रौ  कि  है मुंतज़़िर-ए-राहिला

     

  • शाहरयार की टॉप शेर: इस शायरी की गहरी दुनिया में खो जाइए

    शाहरयार की टॉप शेर: इस शायरी की गहरी दुनिया में खो जाइए

    इस ब्लॉग में, हम आपको शाहरयार की 20 बेहद दिलचस्प शेर प्रस्तुत कर रहे हैं, जो इश्क, उम्मीद, और जीवन की गहराइयों को छूने का प्रयास करते हैं। शाहरयार की शायरी में उनकी संवेदनाओं और दर्द की भावनाओं का सुंदर अभिव्यक्ति है, और ये शेर हमारे दिल को छू लेते हैं। (more…)

  • तस्वीर पर जवाबी शायरी

    तस्वीर पर जवाबी शायरी

    जीवित छवियों के अलावा, चित्रों को भी शायरी का विषय बनाया गया है। चित्र छवियों को प्रतिष्ठित बनाते हैं, लेकिन ये छवियाँ स्थिर होती हैं और बोलने या काम करने के लिए नहीं होतीं हैं। चुपचाप होने पर भी वे सिर्फ खुद के प्यार के लिए संरक्षित रहती हैं क्योंकि वे यादें जागृत करती हैं और एक पूर्व के पल के लिए एक मूल्यवान गिफ्ट के रूप में दिल में रखी जाती हैं। (more…)

  • तन्हाई और जुदाई की गहराइयों को छूने वाली शायरी

    तन्हाई और जुदाई की गहराइयों को छूने वाली शायरी

    आपके मजबूत दिमाग पर दुख या अलगाव की या अलगाव की अवश्यकता का दर्द भी अपने बलवान दिमाग पर बोझ डालता है।

    1. “अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख्वाबों में मिलें, जैसे सूखे हुए फूल किताबों में मिलें.” – अहमद फ़राज

     

    2. “किस किस को बताएँगे जुदाई का सबब हम, तू मुझसे ख़फ़ा है तो ज़माने के लिए आ.” – अहमद फ़राज

     

    3. “अब जुदाई के सफर को मेरे आसान करो, तुम मुझे ख़्वाब में आ कर न परेशान करो.” – मुनव्वर राना

     

    4. “तुम से बिछड़कर जिंदा हैं, जान बहुत शर्मिंदा हैं.” – इफ़्तिखार आरिफ

     

    5. “मिलना था इत्तिफाक, बिछड़ना नसीब था, वो उतनी दूर हो गया जितनी क़रीब था.” – अंजुम रेहबर

     

    6. “जिस की आँखों में कटी थीं सदियां, उसने सदियों की जुदाई दी है.” – गुलज़ार

     

    7. “उस को रुक्शत तो किया था मुझे मालूम न था, सारा घर ले गया घर छोड़ के जाने वाला.” – निदा फ़ाज़ली

     

    8. “कुछ ख़बर है तुझे ओ चैन से सोने वाले, रात भर कौन तेरी याद में बेदार रहा.” – हिज्र नाज़िम अली ख़ान

     

    9. “यूँ लगे दोस्त तिरा मुझसे ख़फ़ा हो जाना, जैसे फूल से ख़ुश्बू का जुदाहो जाना.” – क़तील शिफ़ाई

     

    10. “बिछड़ा कुछ इस अदा से कि रुत ही बदल गई, इक शख़्स सारे शहर को वीरान कर गया.” – ख़ालिद शरीफ

     

    11. “वस्ल में रंग उड़ गया मेरा, क्या जुदाई को मुँह दिखाऊंगा.” – मीर ताक़ी मीर

     

    12. “याद है अब तक तुझ से बिछड़ने की वो अँधेरी शाम मुझे, तू ख़ामोश खड़ा था लेकिन बातें करता था काजल.” – नसीर क़ाज़मी

     

    13. “मैंने समझा था कि लौट आते हैं जाने वाले, तू ने जाकर तो जुदाई मेरी किस्मत कर दी.” – अहमद नदीम क़ासमी

     

    14. “उसी मक़ाम पे कल मुझको देख कर तन्हा, बहुत उदास हुए फूल बेचने वाले.” – जमाल एहसानी

     

    15. “महीने वसल के घड़ियों की सूरत उड़ते जाते हैं, मगर घड़ियां जुदाई की गुज़रती हैं महीनों में.” – अल्लामा इक़बाल

     

    16. “लगी रहती है अश्कों की झड़ी गर्मी हो सर्दी हो, नहीं रुकती कभी बरसात जब से तुम नहीं आए.” – अंवर शूर

     

    17. “तुझ से क़िस्मत में मेरी सूरत-ए-कुफ्ल-ए-अबजद, था लिखा बात के बंटे ही जुदाहो हो जाना.” – मिर्ज़ा ग़ालिब

     

    18. “ख़ुद चले आओ या बुला भेजो, रात अकेले बसर नहीं होती.” – आज़िज़ लखनवी

     

    19. “चमकते चाँद से चेहरों के मंज़र से निकल आए, ख़ुदा हाफ़िज़ कहा बोसा लिया घर से निकल आए.” – फ़ुज़ैल जाफ़री

  • अल्लामा इक़बाल की 20 शेरों की टॉप शायरी

    अल्लामा इक़बाल की 20 शेरों की टॉप शायरी

    1. “ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले, ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है.”

    इस शेर में अल्लामा इकबाल ने ख़ुदी के महत्व को बताया है, और यह उत्कृष्टता की ओर एक कदम बढ़ाने का संकेत देता है।

    2. “सितारों से आगे जहाँ और भी हैं, अभी इश्क़ के इम्तिहाँ और भी हैं.”

    इस शेर में अल्लामा इकबाल ने मानवीय आत्मा के अद्वितीय गुणों की तारीफ की है और इश्क़ के अद्वितीय अनुभव को बताया है।

    3. “माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं, तू मेरा शौक़ देख, मेरा इंतेज़ार देख.”

    इस शेर में शायर ने इश्क़ के आगमन की आस दिखाई है, जिसमें वह अपने प्यार की तरफ उत्सुक हैं।

    4. “तेरे इश्क़ की इंतिहा चाहता हूँ, मेरी सादगी देख क्या चाहता हूँ.”

    इस शेर में इश्क़ की अत्यंतता को बयान किया गया है, जब शायर अपने प्यार को आत्मा के साथ जोड़ते हैं।

    5. “तू शाहीं है पर्वाज़ है काम तेरा, तिरे सामने आस्मां और भी हैं.”

    इस शेर में अल्लामा इकबाल ने आत्मनिर्भरता और स्वाधीनता के महत्व को बताया है, जब वह आत्मा के उच्चारण का महत्व बताते हैं।

    6. “नशा पिला के गिराना तो सब को आता है, मज़ा तो तब है कि गिर्तों को थाम ले साक़ी.”

    इस शेर में विश्वास और आनंद का महत्व बताया गया है, जब आप संघर्षों को पार करते हैं और अपनी मंजिल की ओर बढ़ते हैं।

    7. “हज़ारों साल नर्गिस अपनी बेनूरी पे रोती है, बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदावर पैदा.”

    इस शेर में सृजनात्मकता के महत्व को बताया गया है, जब शायर ने सृजनात्मक प्रक्रिया की महत्वपूर्णता को जताया है।

    8. “अपने मन में डूब कर पाज़ सफर दिया था क्यूँ, तू अगर मेरा नहीं बन्ता, तो बन अपना तो बन.”

    इस शेर में स्वतंत्रता और आत्मसमर्पण की बदलती धारा को बताया गया है, जब आप अपने मन की दुनिया को जीते हैं।

    9. “अच्छा है दिल के साथ रहे पासबान-ए-अक़ल, लेकिन कभी कभी इसे तन्हा भी छोड़ दे.”

    इस शेर में संतुलन की महत्वपूर्णता को बताया गया है, जब आप अपने जीवन के सभी पहलुओं का सामंजस्य बनाते हैं।

    10. “दिल से जो बात निकलती है, असर रखती है, पर नहीं ताक़त-ए-पर्वाज़ मगर रखती है.”

    इस शेर में आदर्श और आत्मसमर्पण की महत्वपूर्णता को बताया गया है, जब आप अपने उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए काम करते हैं।

    11. “जिस खेत से दहकां को मयस्सर नहीं रोज़ी, उस खेत के हर खोशा-ए-गंधम को जला दो.”

    इस शेर में उत्सव की अहमियत बताई गई है, जब आप अपने काम को पूरा करने के लिए अपने संसाधनों का सही तरीके से उपयोग करते हैं।

    12. “यक़ीन मोहक्कम अमल, पैहम मोहब्बत, फ़ातेह-ए-आलम, जिहाद-ए-ज़िन्दगानी में हैं ये मर्दों की शमशीरें.”

    इस शेर में साहस और उत्साह के महत्व को बताया गया है, जब आप अपने जीवन के लिए संघर्ष करते हैं और सफलता प्राप्त करते हैं।

    13. “अनोखी वज़.आ है सारे ज़माने से निराले हैं, ये आशिक कौन सी बस्ती के यारब रहने वाले हैं.”

    इस शेर में आदर्शपुर्ण और अनूठे प्यार के महत्व को बताया गया है, जब आप अपने प्यार के लिए सब कुछ त्याग देते हैं।

    14. “बाग़-ए-बहिश्त से मुझे हुक़्म-ए-सफ़र दिया था क्यूँ, कार-ए-जहां दराज़ है अब मेरा इंतेज़ार कर.”

    इस शेर में उत्कृष्टता के लिए उत्कृष्टता की ओर एक कदम बढ़ाने का संकेत दिया गया है, जब आप अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए अपनी मेहनत करते हैं।

    15. “तू ने ये क्या ग़ज़ब किया, मुझे भी फ़ाश कर दिया, मैं ही तो एक राज़ था सीना-ए-काएनात में.”

    इस शेर में अपनी विशेषता को स्वीकार करने की महत्वपूर्णता बताई गई है, जब आप खुद को स्वीकार करते हैं और अपने असली आत्मा का परिचय करते हैं।

    16. “ना पूछो मुझ से लज़्ज़त ख़ानमां-बरबाद रहने की, नशेमन सैकड़ों में ने बना कर फूंक डाले हैं.”

    इस शेर में जीवन की अस्थायिता और आत्म-नियंत्रण की महत्वपूर्णता को बताया गया है, जब आप अपने उद्देश्यों के प्रति पूरी तरह समर्पित होते हैं।

    17. “उरूज-ए-आदम-ए-ख़ाकी से अंजुम सहमे जाते हैं, कि ये टूटा हुआ तारा माह-ए-कामिल न बन जाए.”

    इस शेर में संघर्ष और समर्पण के महत्व को बताया गया है, जब आप अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए काम करते हैं और निरंतर प्रयास करते हैं।

    18. “तूफाँ न कभी आया कभी बिगड़ न कभी गिरा, ना डर उस का रहा ना ग़ाम उसका रहा.”

    इस शेर में सहस की महत्वपूर्णता और आत्मविश्वास की महत्वपूर्णता को बताया गया है, जब आप जीवन के चुनौतियों का सामना करते हैं।

    19. “हर दर्द-ओ-ग़म का सिलसिला क़यामत तक रहे, हम आदमी हैं हमें ख़ुद ख़ुदा करके गुज़रना है।”

    इस शेर में आत्मा की आदर्शपुर्णता को बताया गया है, जब आप अपने जीवन के अधिकांश पाठों को सीखने और समझने का प्रयास करते हैं।

    20. “इब्न-ए-आदम से हुक्मरां के लिए कुछ ख़ास है, इनसान को ख़ुद को पहचानने का दौर लगाना है.”

    इस शेर में आत्म-समझ की महत्वपूर्णता और जीवन के अद्वितीय अनुभव की महत्वपूर्णता को बताया गया है, जब आप अपने आत्मा को समझने का प्रयास करते हैं।

  • प्यार पर शेर – Love Shayari

    प्यार पर शेर – Love Shayari

    इश्क़, उर्दू कविता में सबसे लोकप्रिय विषयों में से एक है। इश्क़ पर सबसे प्रसिद्ध शेरों की सूची तैयार है। इनका चयन प्रसिद्धता और प्रत्येक शेर की गुणवत्ता के आधार पर किया गया है। हम जानते हैं कि इस सूची में कई बेहतर शेर हो सकते हैं, जिन्हें हमने शामिल नहीं किया हो। उम्मीद है कि आप चयन का आनंद लेंगे, और फिर भी हम आपके सहभाग में सूची को और बेहतर बनाने में भागीदार होने की तरफ देखते हैं। (more…)

  • 10 Heartfelt Love Shayari in Hindi | Real Shayari

    10 Heartfelt Love Shayari in Hindi | Real Shayari

    Love is a language that transcends words and finds its expression in the depths of the heart. Here are ten beautiful love Shayari in Hindi that capture the essence of love, passion, and devotion. (more…)