Category: Life

Kya the hum or kya baan gae

Kya the hum or kya baan gae

Kya the hum or kya baan gae. Kya se kya bana diya,Ek kaanta tha mein mujhko fool bana diya,Fir us fool ko ek pal mein dool bana diya,Kya se kya bana diya, Pehle is...

Koi umeed

Koi umeed

Koi umeed koī ummīd bar nahīñ aatī koī sūrat nazar nahīñ aatī maut kā ek din muayyan hai niind kyuuñ raat bhar nahīñ aatī aage aatī thī hāl-e-dil pe hañsī ab kisī baat par...

Jaago Manav

Jaago Manav

Jaago Manav Uthho Toh Aise Uthho Ke Fakr Ho Bulandi Ko,Jhuko Toh Aise Jhuko Bandgi Bhi Naaz Kare.उठो तो ऐसे उठो कि फक्र हो बुलंदी को,झुको तो ऐसे झुको बंदगी भी नाज़ करे। Aaye...

जिन्दगी

जिन्दगी

जिन्दगी मेरी खामोशियों में भी फसाना ढूँढ लेती है,बड़ी शातिर है दुनिया मजा लेने का बहाना ढ़ूँढ लेती है। जिन्दगी को हमेशा मुस्कुरा के गुजारो,क्योंकि आप नहीं जानते की.. यह कितनी बाकी है। अकेले ही...

ऐ ज़िन्दगी तेरी क्या कीमत है

मेरे बारे में अपनी सोच को थोड़ा बदल के देख​

मेरे बारे में अपनी सोच को थोड़ा बदल के देख​ अगर लोग यूँ ही कमियां निकालते रहे तो,एक दिन सिर्फ खूबियाँ ही रह जायेगी मुझमें। दिखावे की मोहब्बत तो जमाने को है हमसे पर,ये...

ऐ ज़िन्दगी तेरी क्या कीमत है

ऐ ज़िन्दगी तेरी क्या कीमत है

ऐ ज़िन्दगी तेरी क्या कीमत है..!! सबके कर्जे चुका दू मरने से पहले ऐसी मेरी नीयत है..!मौत से पहले तू भी बता दे .. ऐ ज़िन्दगी तेरी क्या कीमत है..!! चेहरा तो साफ कर...

Karz hai tere upar mere sajdo ka

Karz hai tere upar mere sajdo ka

Karz hai tere upar mere sajdo ka बस इतना ही है मुझको तुमसे कहना..बड़े अच्छे हो तुम, ख्याल रखा करो अपना..!! कर्ज है तेरे ऊपर मेरे सजदो का..मैंने एक अरसे से तुझे खुदा माना...

बिच्छरण

बिच्छरण

बिच्छरण सदियों सदियों मेरा सफ़रमंज़िल मंज़िल राहगुज़र संदल से महकती हुई पुर-कैफ़ हवा काझोंका कोई टकराए तो लगता है कि तुम हो अब ये भी नहीं ठीक कि हर दर्द मिटा देंकुछ दर्द कलेजे...

क्योंकि पुरुष हो तुम।

क्योंकि पुरुष हो तुम।

अक्सर सुना है, पुरुषों का समाज है।तुम्हारे ही हिसाब से चलता है और,तुम्हारी ही बात करता है।पर सच शायद थोड़ा अलग है॥ देखा है मैंने कितनों को,इस पुरुषत्व का बोझ ढोते।मन मार कर जीते...

जहां जीवन दौलत के बिन

जहां जीवन दौलत के बिन

जहां जीवन दौलत के बिनखुश रहता है अति अपार।प्रेम का भरा रहता भंडारजिसको सब कहते परिवार।। मोह लोभ की परछाई भीनहीं डाल पाती है यहां डेरा।अमावस की काली रात मेंनिकलता खुशियों का सवेरा।। परिवार...