दिल अब दिल ना रहा सरकारी दफ्तर बन गया है

यह तेरी कैसी मोहब्बत है जालिम दिल अब दिल ना रहा सरकारी दफ्तर बन गया है ना कोई काम करने को ना किसी की बात सुनने को तैयार है

कभी उनको भी हमारा इंतज़ार तो होगा

कभी उनकी आँखों से इज़हार होगा दिल के किसी कोने में हमारे लिए भी प्यार तो होगा गुज़र रही है रात उनकी याद में कभी उनको भी हमारा इंतज़ार तो…

वक़्त सबको जीना सीखा देता है

ना कर तलाश मंजिलों की खुदा खुद ही मंजिल तक पहुंचा देता है यूँ तो मरते नहीं लोग किसी के लिए क्योकि वक़्त सबको जीना सीखा देता है