जाने ऐसी भी क्या तिश्नगी थी उनसे
आखरी सांस थी और तसव्वुर उनके साथ का।
Category: Girlfriend Shayari
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जाने ऐसी भी क्या तिश्नगी थी उनसे…..
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उलझा रहने दो मुझे…..
उलझा रहने दो मुझे
युहीं तुम्हारे दरमियान
सुलझ गए हम अगर तो
दूरियाँ दास्तां बुनेंगी। -

वो वक़्त आने पर सब वादों से मुकर गया………
वो वक़्त आने पर सब वादों से मुकर गया
ये मेरा ज़र्फ़ था की मैं ख़ामोशी से बिखर गया………






